समर्पण संस्था द्वारा 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता दिवस समारोह व “सामाजिक समानता और समावेशन“ विषयक सेमिनार आयोजित…
देश की प्रगति के लिए सामाजिक समानता बहुत जरूरी है । - श्री प्रीतम बिजलानी
जयपुर, 15 अगस्त।” देश की प्रगति के लिए सामाजिक समानता बहूत ज़रूरी है।समाज के हर व्यक्ति को समान अवसर ,समान अधिकार और समान सम्मान मिलना चाहिये ।यह हर नागरिक की साझा ज़िम्मेदारी भी है ।” उक्त विचार 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर समर्पण संस्था की ओर से समर्पण आश्रय केयर भवन, साँभरिया रोड़, जयपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह व "सामाजिक समानता और समावेशन “ विषयक सेमिनार में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री प्रीतम बिजलानी ने व्यक्त किये ।
उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के लिए हमें मिलकर प्रयास करने चाहिए और वास्तविक न्याय के लिए भी स्वयं ,जनता और समाज को खड़ा होने की ज़रूरत है।“
इससे पूर्व समर्पण आश्रय केयर भवन प्रांगण में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री प्रीतम बिजलानी ने अन्य अतिथि व संस्था पदाधिकारियों के साथ ध्वजारोहण किया । तत्पश्चात सेमिनार की शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ समर्पण प्रार्थना से की गई जिसे कोषाध्यक्ष श्री राम अवतार नागरवाल व आर्किटेक्ट सुश्री अंजली माल्या व आर्किटेक्ट सुश्री सुवज्ञा माल्या ने प्रस्तुत किया।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने स्वागत भाषण में संस्था के सिद्धांत, विचारधारा व कार्यक्रमों की विस्तृत व्याख्या करते हुए विचार व्यक्त किये ।डॉ. माल्या ने "सामाजिक समानता और समावेशन “ विषय पर एक पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया कि “ यह विषय हमारे संविधान की आत्मा हैं और समाज के विकास और समृद्धि की कुंजी भी हैं। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि ये हमारे समाज को एकजुट और मजबूत बनाते हैं। जब हर व्यक्ति को समान अवसर मिलते हैं, तो समाज में शांति और सद्भाव बना रहता है। एक समावेशी समाज विविधता को अपनी शक्ति मानता है और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामूहिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।”
कार्यक्रम में संस्था की डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी प्रदर्शित की गई ।
मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त कर्नल श्री एस एस शेखावत ने कहा कि “ समाज के किसी भी व्यक्ति को जाति आधारित हीन व अहम का भाव नहीं रखना चाहिए । समाज का परिवर्तन कालांतर में होता है । आने वाला समय ऐसा है कि समाज का हर व्यक्ति एक ही प्लेटफ़ार्म पर होगा ।कोई भी व्यक्ति अपने आप को छोटा नहीं समझे हर व्यक्ति का समाज की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान रहता है ।
मुख्य वक्ता दलित अधिकार केन्द्र के निदेशक एडवोकेट सतीश कुमार ने कहा कि “आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी सामाजिक असमानता बड़े स्तर पर देखने को मिलती है ।हमें सामाजिक समानता के मूल्यों को बढ़ावा देने वाली शिक्षा की ज़रूरत है । इसके लिए बेहतर प्रयास होने चाहिए।”
कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि संस्था के प्रधान मुख्य संरक्षक श्री प्रमोद चौरडिया जैन और विशिष्ट अतिथि डॉ. अरूण कसुम्भीवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।गीतकार श्री रमेश कुमार बैरवा व वन्दना रावत ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किये ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ललित मेहरा ने कहा कि “वर्तमान समय में हर टेक्नोलॉजी बड़ी तेज़ी से बदल रही है लेकिन बदलाव की प्रगति के साथ इस गति से सामाजिक असमानता दूर नहीं हो पा रही है । इसके लिए मंथन बहुत ज़रूरी है।”
सेमिनार में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में संस्था सदस्यों के अलावा अनेक गणमान्य व समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने प्रमुखता से भाग लिया।
मंच संचालन आकाशवाणी उद्घोषक श्री नीरज शर्मा ने किया ।
सादर प्रकाशनार्थ ।
2025-08-15